वियाग्रा खाने से होने वाले इफेक्ट जानकर आप हैरान रह जायेगे

वियाग्रा जिसे आम भाषा में हम लोग पावर की गोली या मर्दाना शक्ति बढ़ाने वाली गोली के नाम से भी जानते हैं| जैसे- कि आप लोग जानते हैं कि ये गोली लिंग की नसों में आई कमजोरी, लिंग का ढीलापन, लिंग के तनाव में कमी को दूर करता है| वियाग्रा को आजकल छोटी उम्र से लेकर बढ़ती उम्र के लोग अक्षर खाते हैं ताकि उनके लिंग में तनाव आ सके और वे पूरी तरह से संभोग का मजा ले सकें|

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आज हम आपको बताएंगे की वियाग्रा कैसे काम करती है और वियाग्रा के साइड इफेक्ट क्या है और इस साइड इफेक्ट से बचने के लिए क्या करना चाहिए| सबसे पहले हम बात करते हैं कि वियाग्रा काम कैसे करती है..

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वियाग्रा को लिंग में तनाव की कमी के लिए इस्तेमाल किया जाता है| वियाग्रा टेबलेट खाने से आपको लिंग में खून का दौरा बेहतर बनता है| जिसकी वजह से आपको अच्छा तनाव मिलता है| अगर आपको अच्छा ठहराव चाहिए, अच्छा तनाव चाहिए तो आपके लिंग को सही तरह से खून मिलना चाहिए| वियाग्रा में सिल्डेनाफिल नाम का केमिकल पाया जाता है जो कि लिंग में खून की नसों को रिलेक्स करता है जिससे लिंग में खून आसानी से भर जाता है और तनाव की कमी दूर हो जाती है|

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वियाग्रा खाने के साइड इफेक्ट क्या होते हैं-
1. जब पुरुष इस गोली का इस्तेमाल करता है| तो उसका लिंग काफी समय तक तनाव में रहता है लेकिन कुछ लोगों में तनाव 4 घंटे से भी ज्यादा हो सकता है यदि इसका इलाज जल्दी नही करवाया जाए तो लिंग को काफी नुकसान हो पहुंच सकता है|
2. वियाग्रा खाने का दूसरा नुकसान ये है कि वियाग्रा खाने के बाद सर दर्द होता है और यह दर्द अपने आप नींद के बाद से ही हो जाता है| अगर नींद में आपको परेशानी हो रही है तो आप पेन किलर का इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे कि एस्प्रिन की गोली वगैरा

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3. वियाग्रा  खाने का तीसरा नुकसान ये है कि इसके बाद जी मचलता है,चेहरा लाल हो जाता है,पेट में बदहजमी होती है,नाक बंद हो जाता है और चक्कर आने लगते हैं|
4. वियाग्रा खाने का चौथा नुकसान ही ये है कि वियाग्रा खाने के बाद आंखों का धुंधलापन,देखने में परेशानी होने लगती हैं


वियाग्रा खाने के बाद इनमें से कोई साइड इफेक्ट होता है तो आपको जल्दी ही डॉक्टर से मिलना चाहिए| वह साइड इफेक्ट ये हैं- छाती में दर्द होना,लिंग खड़े होने के बाद दर्द होना,अगर आपका लिंग 4 घंटे से ज्यादा तनाव में रहता है तब भी आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए| देखने में परेशानी होना या बिल्कुल दिखना बंद हो जाना|

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वियाग्रा के नुकसान से कैसे बचे-
1. डॉक्टर की सलाह के बाद ही इस टैबलेट को इस्तेमाल करना चाहिए| इससे डॉक्टर आपका चेकअप करके यह कंफर्म करेगा कि आप यह टेबलेट ले सकते हैं या नहीं|
2. जिस दिन आपको वियाग्रा टेबलेट लेनी हो तो आपको शराब का सेवन नहीं करना चाहिए|
3. जितनी dose  आपको डॉक्टर ने बताई है उससे ज्यादा dose  के इस्तेमाल से आपको परहेज करना चाहिए|

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4. अगर आप ड्रग्स  नशा करते हैं तो आपको इस टेबलेट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए|

दोस्तों अगर आप भी इस गोली का इस्तेमाल करते है तो आपको क्या महसूस हुवा हमे कमेंट में जरुर बताये…

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सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड पर सुनाया बड़ा फैसला! आम आदमी के लिए है बेहद खास

सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड पर बड़ा फैसला दिया है और इसी के साथ ही आधार एक्ट के सेक्शन 47, सेक्शन 57 और सेक्शन 33 सब सेक्शन २ को रद्द कर दिया गया है| सुप्रीम कोर्ट ने आधार एक्ट 2016 के तीन सेक्शन को रद्द किया है| जिनमें से पहला है- सेक्शन 47

Supreme Court declares big decision on Aadhaar card

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में सेक्शन 47 को अनकॉन्शियसनल करार कर दिया है| इसके तहत डेटाबेस के लिए अपराधिक मुकदमे को दर्ज कराने की इजाजत सिर्फ UIDAI को ही थी लेकिन अब इस सेक्शन की रद्द होने के बाद कोई भी शख्स जिसे ऐसा लगता है कि उसके डाटा का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है वो अपराधिक मुकदमा दर्ज करा सकता है|

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सेक्शन 57 के तहत किसी शख्स की पहचान को वेरीफाई करने के लिए आधार की जानकारी का इस्तेमाल करने की इजाजत थी| लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब ये अनकॉन्शियसनल हो चुका है| जजेस ने यह कहा है कि किसी शख्स के सत्यापन के लिए पहले से ही तमाम अरेजमेंट मौजूद हैं| ऐसे में आप इस तरह के सेक्शन के जरिए लोगों की निजता में दखल नहीं दे सकते| सुप्रीम कोर्ट की बैच ने कहा कि प्राइवेट कंपनियों को आधार कार्ड के डाटा को जमा करने की अनुमति देने वाले आधार कानून की सेक्शन 57 को रद्द किया जाता है|

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सेक्शन 33 सब सेक्सन 2 – इस सेक्शन में यह प्रोविजन था कि किसी भी शख्स की जानकारी के बारे में खुलासा किया जा सकता है| लेकिन अब इस सेक्शन को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है| लिहाजा अब किसी शख्स की जानकारी का खुलासा नहीं किया जा सकता|

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ये है विदेश में आसानी से नौकरी पाने का सही तरीका!

यूं तो हर किसी को अच्छे से  जिंदगी गुजारने की, अच्छी नौकरी पाने की या फिर किसी अच्छे बिजनेस की तलाश रहती है.  लेकिन बहुत से लोग विदेश जाकर अच्छा पैसा कमाते हैं और खुशहाल जिंदगी जीते हैं | अगर आप भी विदेश जाकर पैसा कमाने की सोच रहे हैं ,  तो आइए आपको बताते हैं कि कैसे आप भी पा सकते हैं विदेश में नौकरी |

This is the right way to get a job in a foreign country easily.

किस देश में करना चाहते हैं?

सबसे पहले आपको यह तय करना होगा कि आप किस देश में नौकरी करना चाहते हैं.  इसके साथ आपको यह भी सर्च करना होगा कि उस देश में वीजा आदि कैसे मिलता है, ताकि आप आसानी से  वहां पहुंच सके | उस देश के रहन-सहन और रोजमर्रा की चीजों आदि के बारे में भी अच्छे से सर्च करें | किसी भी देश में काम करने के लिए क्या जरूरी है ….  इसके बारे में जानने के लिए उस देश की वेबसाइट पर जाकर आप ऐसे पता कर सकते हैं | अगर आप किसी एजेंसी या किसी जान पहचान के व्यक्ति के जरिए भी विदेश में नौकरी करने की सोच रहे हैं ,  तो भी दूतावास से इसकी जानकारी लें . ऐसे में आप किसी फर्जीवाडे में नहीं फसगे | अलग-अलग वेबसाइट पर सर्च करके यह भी पता करें किस देश में पहले से काम कर रहे लोगों का क्या कहना है… और उनकी वहां जिंदगी कैसी चल रही है |

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इसके बाद अगला कदम है नौकरी ढूंढने का

यह सबसे मुश्किल स्टेप होता है क्योंकि ऐसी कोई वेबसाइट नहीं है ,  जहां पर आपको विदेश में नौकरी की लिस्ट मिल जाए ऐसे में जरूरी है नेटवर्किंग. आपके जो जान पहचान के लोग बाहर काम करते हैं उनसे संपर्क करके नौकरी के बारे में पता करें साथ ही ऐसी  कई सोशल नेटवर्किंग साइट्स है . जहां अलग – अलग कंपनियों के सीईओ मैनेजर या अन्य अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं और नौकरी के बारे में पता कर सकते हैं | हालांकि ध्यान रहे कि कोई आपको बेवकूफ बना कर पैसे  ना एंट ले | कई कंपनियों के ऑफिस देश से बाहर होते हैं . ऐसे में आप गूगल पर जॉब फेयर सर्च कर सकते हैं ऐसे में अगर आपके देश या शहर में ऐसी कोई जॉब फेयर रहा होगा , तो इसकी जानकारी आपको मिल सकती है |

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इस तरह के इवेंट वह कंपनियां भी कराती है जिनके ऑफिस देश से बाहर भी होते हैं और वह अपने विदेश के ऑफिस के लिए लोगों को हायर कर रहे होते हैं | वैसे विदेशों में काम करने के लिए लोग काफी कम है जैसे अमेरिका में.. ऐसी स्थिति में कंपनियां खुद ही एक जगह से लोगों को हायर करने का काम करने के लिए विदेश भेज देती है | आपको बता दें कि अगर आप किसी कंपनी के जरिए विदेश जाने का मौका पा लेते हैं ,  तो यह सबसे अच्छा होगा क्योंकि ऐसी स्थिति में आप के आने- जाने का खर्च भी कंपनी ही वहन करेगी | अगर आप जॉब फेयर के जरिए नौकरी पाते हैं , तो तब तो आपका टेस्ट, इंटरव्यू और जॉइनिंग भी यही हो जाएगा | उसके बाद आपको विदेश भेजा जाएगा |

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लेकिन अगर आप किसी के संपर्क से विदेश में नौकरी करने जाते हैं , तो आपको पहले आवेदन करना होगा इसके लिए आपको अपना बायोडेटा या रिज्यूम उस कंपनी को भेजना होगा  जिसमें आप नौकरी करना चाहते हैं . आपका रिज्यूम वह व्यक्ति कंपनी तक पहुंचा सकता है , जिसके जरिए आप उस देश में नौकरी की बात करते हैं | विदेश की नौकरियों के लिए अक्सर टेलीफोन या फिर वीडियो कॉल के जरिए ही इंटरव्यू लिए  जाते हैं | अगर आप इंटरव्यू के बाद चुने जाते हैं , तो आप वहां नौकरी चयन कर सकते हैं|

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विदेश जाने के लिए क्या क्या जरूरी है

विदेश जाने के लिए आपके पास पासपोर्ट होना बेहद जरूरी है ऐसे में अगर आप विदेश नौकरी करने की सोच रहे हैं ,  तो आपके पास वैद्य पासपोर्ट होना बहुत जरूरी है. इसके अलावा वीजा भी | इसके नियम भी जरूर जान लें क्योंकि आप दूसरे देश में जा रहे हैं इसलिए पहले उस देश के यातायात तथा अन्य नियम भी जान लें क्योंकि जरूरी नहीं कि उस देश के नियम भी आपके देश की तरह हो |  ऐसे में अगर आप विदेश में कोई नियम तोड़ते हैं , तो यह कह कर बच सकते, आपको उस नियम के बारे में पता ही नहीं था |

भारत को सोने की चिड़िया कहा जाने का इतिहास

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भारत को सोने की चिड़िया कहा जाने का इतिहास

जब हम इंडिया की हिस्ट्री की बात करते हैं तो बात आती है कुछ अंग्रेजो के समय अंग्रेजों के समय की जिसके बारे में लोग थोड़ा ज्यादा जानने की कोशिश करते हैं तो उनको भारत के मुस्लिम शासन तक ही जानकारी मिल पाती है असल में भारत के सच्चे इतिहास को हमारे पुस्तकों से हटा दिया गया  है | किताबों में जो लिखा गया वह सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम शासन और अंग्रेजी लुटेरों तक ही सीमित है | भारत के इतिहास की कुछ बातें जो शायद आप नहीं जानते होंगे लेकिन इसको जानना आपके लिए बहुत जरूरी है आज हम जानेंगे भारत को सोने की चिड़िया क्यों कहा जाता था ? और भी कई ऐसी बातें हैं जो साबित करते हैं कि भारत हजारों सालों पहले विश्व गुरु था इंडिया व्यापार में सब देशों से आगे था |  उसका विश्व व्यापार में हिस्सा 33% था अंग्रेजों से पहले जब मुस्लिम आए थे तो भी भारत मसालों का विश्व में सबसे बड़ा निर्यातक हुआ करता था |

History of India being called the Gold Wing

दुनिया के कुल उत्पादन का 43 प्रतिशत भारत में पैदा हुआ करता था | और दुनिया की कुल कमाई में भारत का हिस्सा 27% हुआ करता था | यह बात अंग्रेजों को काफी बुरी लगी थी और वह व्यापार करते हुए भारत पर राज करने की नीति अपनाने लगे और भारत के राजाओं   मैं आपसी फूट डालने का कार्य प्रारंभ कर दिया और राजनीति करना शुरु किया | जिसे अंग्रेजों ने धीरे-धीरे अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया और कई तरह के टैक्स भारत पर लगाएं जिसमें अंग्रेजों ने सबसे पहला कानून बनाया सेंट्रल एक्साइज एक्ट तय किया गया 350% , मतलब सो रुपए का उत्पादन किया गया तो ₹350 एक्साइज ड्यूटी देना पड़ेगा , फिर अंग्रेजों ने सामान के बेचने पर सेल्स टैक्स लगाया और वह तय किया गया  120 प्रतिशत , मतलब सौ रुपए का माल बेचा गया तो उस पर ₹120 CST दो फिर एक और टैक्स आया इनकम टैक्स और वह था 97 प्रतिशत मतलब सो रुपए कमाया तो 97 रूपया अंग्रेजों को दो इस तरह से अंग्रेजों के आगमन से पहले भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था | यह बात का वह इतिहास है जो लोगों को इसलिए पता नहीं है क्योंकि वह किताबों में है ही नहीं |

History of India being called the Gold Wing

भारत पर मुस्लिम आक्रमण का इतिहास बापा रावल के आक्रमणों से मुस्लिम शासक इतने भयभीत हुए कि अगले 300 सालों तक मैं भारत से दूर है लेकिन भारत का सच्चा इतिहास हमको  पढ़ाया ही नहीं जाता है | मुस्लिम लुटेरों को कई भारतीय योद्धाओं ने कई सालों तक लगातार हराया था | महमूद गजनबी ने 1002 से 1017 तक भारत पर कई आक्रमण किए पर हर बार उसे भारत के राजाओं से कड़ा उत्तर मिला था महमूद गजनबी ने सोमनाथ पर भी कई आक्रमण किए थे और इसको 17वे युद्ध में सफलता मिली |  भारतीय राजाओं के निरंतर आक्रमण से वह वापस गजनी लौट गया और अगले100 सालों तक कोई भी मुस्लिम आक्रमणकारी भारत पर आक्रमण नहीं कर पाया था |

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आज हम लोग पश्चिम पश्चिम की तरफ देख कर कहते हैं कि वह तो विकसित राष्ट्र है और हम विकासशील फिर हम अतीत के सपनों में खो जाते हैं और खुद को दिलासा देने के लिए कहते हैं कि हम कभी “ विश्व गुरु “ थे |  दुनिया हमें “ सोने की चिड़िया “ कहती थी | हम विकास के नाम पर स्वयं को धोखा दे रहे हैं हमारी सरकारें विदेशी कंपनियों के भरोसे सोच रहे हैं कि देश सुधर जाएगा सेवा क्षेत्र से लेकर उत्पादन क्षेत्र तक विदेशी कंपनियों का बोलबाला बढ़ता जा रहा है चाहे इंश्योरेंस सेक्टर हो या दवा बनाने की कंपनियां हर जगह हम यही सोच रहे हैं कि कोई बाहर  की कंपनी आ जाए और हमारा उद्धार करें परंतु जब तक आप दुनिया भर के चेले बने रहेंगे तब तक विश्व गुरु नहीं बन सकते | सोचने की बात यह है कि पूरी दुनिया में आज भी टैलेंट के मामले में भारत के इंजीनियर और वैज्ञानिक अर्थशास्त्रीय वगैरा भारत के ही छाए हुए हैं अगर वह अमेरिका और ब्रिटेन को विकसित राष्ट्र बना सकते हैं तो हिंदुस्तान को क्यों नहीं बना सकते |

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समस्या यह है कि हम अपने टैलेंट पर भरोसा ही नहीं कर रहे हैं हमें लगने लगा है कि विकास का एक ही रास्ता है जो पश्चिम के देशों में अपनाया है और इसीलिए हम भी आंख बंद कर कर उनका अनुसरण करने लग गए अब तो भारत में विदेशी विश्वविद्यालय भी खुलने वाले हैं हम भूल गए हैं नालंदा और तक्षशिला जैसे विद्यालय ने दुनिया को उस समय ज्ञान दिया किस समय ऑक्सफर्ड और कैंब्रिज के बारे में किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी |  भारत को सोने की चिड़िया इसलिए नहीं कहा जाता था कि हमारे यहां कोई बहुत बड़े-बड़े कारखाने हुआ करते थे कोई Tata या अंबानी की तरह बड़े बड़े उद्योग पति आते थे वास्तव में हमारे यहां घर घर में उद्योग और घर-घर में उद्योगपति हुआ करते थे यानी कि लघु उद्योगों का जोर था | काली मिर्ची गरम मसाले अनेक प्रकार के धातु से बने औजार दुनिया भर में भेजते थे और बदले में वहां से सोना लेकर आते थे इसलिए हमारे यहां का गोल्ड स्टोर  बन गया था | हिंदुस्तान में इतना सोना इकट्ठा हो गया जितना दुनिया के किसी भी देश में नहीं था यही वजह थी कि हमें दुनिया “सोने की चिड़िया” कहने लगी थी और एक खास बात यह थी कि यह सारा सोना किसी एक सरकार के पास नहीं था बल्कि सामान्य रूप से जनता में बटा हुआ था इसके पीछे कारण यह था कि हर घर में उद्योग हुआ करता था और घर-घर में उद्योगपति भारत की सभ्यता कुछ 9000 साल पुराने हैं इतनी पुरानी सभ्यता आज तक अपना वजूद बचाए हुए हैं इसमें जरूर कुछ बात है |

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हमारे शास्त्रों से ही विश्व में चलना सीखा है भारत के वैद् हजारों साल पुराने हैं और पूरे विश्व में इन्हीं वेदों का अनुसरण किया है विज्ञान हो या फिर ब्रह्मांड तकनीकी हो या फिर धर्म सभी बातें आपको भारत माता के इतिहास में सबसे पहले मिल जाएंगी | विज्ञान की बात करें तो जहाज जैसी चीजें रामायण और महाभारत में मिलती हैं | परमाणु अस्त्र शस्त्र भी आप को वेदों में मिलते हैं | लेकिन निराशाजनक बात यह है कि किताबों मैं भारत को गरीब और अनपढ़ बताया गया है | भारत का झूठा इतिहास किताबों में लिखा गया है भारत का सच्चा इतिहास चाणक्य मनु और कौटिल्य पर आधारित है यहां सपेरों का इतिहास नहीं बल्कि मंगल सूरज और चांद तारों की हैरान करने वाली रहस्यमई बातें बताई गई हैं | भारत ने जीरो का आविष्कार किया है और सौर ऊर्जा की बातें हजारों साल पहले भारत में बताई गई हैं | असल में अब आवश्यकता यह है कि भारत के सच्चे इतिहास को फिर से एक किया जाए और हमारी आने वाली पीढ़ियों को पढ़ाया जाए ताकि भारत एक बार फिर से विश्व गुरु बन सके |

दोस्तों आप सभी को हमारी न्यूज़ कैसी लगी कृपया नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं धन्यवाद 

अगर 1 भारतीय रुपए $1 के बराबर हो जाए तो क्या होगा

हेलो दोस्तों मेरा नाम अनिल पायल है, आपके मन में कभी ना कभी यह सवाल जरूर आया होगा कि अगर भारत के एक रुपए की कीमत $1 के बराबर हो जाए तो क्या होगा? क्या इससे भारत को फायदा होगा या फिर नुकसान होगा| दोस्तों जब भारत आजाद हुआ था तो उस समय एक रुपए की कीमत $1 के बराबर हुआ करती थी लेकिन आजादी के बाद भारत में बहुत सारी योजनाएं शुरू की गई जिनके लिए भारत को विदेशों से बहुत सारा कर्जा लेना पड़ा था| भारत पर विदेशियों का कर्जा बढ़ता चला गया और इस कर्ज को कम करने के लिए भारत को अपने रुपए की कीमत को कम करना पड़ा था| जब भारतीय सरकार ने पहली बार रुपए की कीमत कम की थी तब से लेकर आज तक रुपए की कीमत डॉलर के मुकाबले गिरती जा रही है और आज $1 की कीमत 68.76 हो गई है लेकिन अगर भविष्य में कभी ₹1 की कीमत $1 के बराबर होता है तो इससे भारत को कई सारे फायदे और नुकसान होंगे|

What if 1 Indian rupee is equal to $ 1

फायदा

अगर रुपए की कीमत डॉलर के बराबर हो गई तो सबसे बड़ा फायदा हमें यह होगा कि इंडिया में मिलने वाला सारा सामान बहुत ही सस्ता हो जाएगा. क्योंकि भारत में ज्यादातर सामान विदेशों से इंपोर्ट किया जाता है. दोस्तों अगर ₹1 एक डॉलर के बराबर हो गया तो भारत की सबसे बड़ी समस्या महंगाई हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी |

What if 1 Indian rupee is equal to $ 1

फिलहाल भारत में मिलने वाली बड़ी-बड़ी ब्रांडेड चीजें जैसे कि iPhone हमें बहुत ही सस्ते दामों में मिलने लगेगा. आज हमें एक iPhone तकरीबन ₹70000 का मिलता है लेकिन अगर ₹1 के $1 के बराबर हो गया तो यही iPhone हमें ₹700 में मिल जाएगा| इसके अलावा भी बहुत सारी ऐसी ब्रांडेड चीजें जो हम विदेशों से इंपोर्ट करते हैं वह सब बहुत ज्यादा सस्ती हो जाएगी और उन्होंने बहुत ही सस्ते दामों में खरीद सकेंगे.

आपको पता होगा भारत में लगभग पेट्रोल बाहर के देशों से आता है. डॉलर ₹1 के बराबर हो जाता है तो पेट्रोल और डीजल भी हमें बहुत ही सस्ते दामों में मिलने लगेगा और अगर पेट्रोल और डीजल सस्ता हो गया तो ट्रांसपोर्ट में लगने वाला खर्चा भी बहुत कम हो जाएगा ऐसा होने से हमारे देश में किसी भी चीज की कमी नहीं रहेगी. अब हम किसी भी चीज को आराम से खरीद सकेंगे|

नुकसान

Image Copyright : The Guardian

आपको पता होगा हम जिस तरह से बाहर के देशों से कुछ चीजें खरीदते हैं उसी प्रकार से भारत भी विदेशों में बहुत सारी चीजें एक्सपोर्ट करता है या भेजता है| अगर ₹1 $1 के बराबर हो जाएगा तो वही चीजें जो हम बाहर के देशों को बेचते हैं वह उनके लिए बहुत महंगी हो जाएंगी. इसलिए बाहर के देश ज्यादा पैसा देकर हमारे चीजें को कम ही खरीदना पसंद करेंगे| अब वे देश उन देशों से से खरीदेंगे जहां पर उन्हें भारत से कम पैसे में मिल रही हो| इस वजह से भारत का एक्सपोर्ट व्यापार बहुत ही कम हो जाएगा या फिर बंद भी हो सकता है. यदि हम विदेशों से सामान इंपोर्ट नहीं करेंगे तो हम एक्सपोर्ट भी नहीं कर पाएंगे और अगर ऐसा हुआ तो भारत की उन्नति कभी नहीं हो पाएगी. हम एक जगह स्थिर हो जाएंगे जहां आज हम हैं वहीं रह जाएंगे|

आपको पता है आज बहुत सारी विदेशी कंपनियां भारत में अपना पैसा लगा रही हैं. अगर ₹1 $1 के बराबर हो गया तो विदेशी कंपनियां जो हमारे देश में इनवेस्ट करती हैं फिर वह अपना इन्वेस्टमेंट बंद कर देंगे| अब जो विदेशी कंपनियां इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं उनको भारत में सस्ते दामों में लेबर मिल जाती है जो कि ₹1 $1 बराबर होने के बाद नहीं मिलेगी. विदेशी कंपनियां ज्यादातर हमारे देश में आईटी सेक्टर में इन्वेस्ट करती हैं और भारत में 25 परसेंट एंप्लॉयमेंट आईटी सेक्टर से ही है. अगर विदेशी इन्वेस्टमेंट बंद हो गया तो भारत में यह 25 परसेंट लोग बेरोजगार हो जाएंगे|

दोस्तों आज भारतीय इंसान अपना काम अपने हाथों से करना पसंद करता है इसका एक मुख्य कारण है विदेशी मशीनों का महंगा होना. लेकिन अगर ₹1 एक डॉलर के बराबर हो गया तो लोग घर में अपना काम अपने हाथों से करना बंद कर देंगे और मशीनों पर निर्भर हो जाएंगे क्योंकि अब उन्हें विदेशी मशीनें बहुत ही सस्ते दामों में मिलने लगेंगे| आज हम किसी को काम करने के लिए अगर 4000 महीना तनख्वाह देते हैं तो ₹1 1 डॉलर के बराबर होने के बाद वह ₹4000 $4000 में बदल जाएंगे और हमें मात्र 1 या 2000 डॉलर में उस काम को करने वाली मशीन मिल जाएगी| इन सभी कारणों से हमारे देश में बेरोजगारी बहुत ज्यादा बढ़ने लगेगी |

दोस्तों आपको जानकर हैरानी होगी कि सन 1917 में ₹1 13 डॉलर के बराबर हुआ करता था लेकिन जब 1947 में हमारा देश आजाद हुआ तो ₹1 एक डॉलर के बराबर कर दिया गया था| जिस वक्त भारत आजाद हुआ उस टाइम भारत पर कोई भी विदेशी कर्ज नहीं था लेकिन 1951 में जब पहली पंचवर्षीय योजना लागू की गई तो सरकार ने विदेशों से कर्ज लिया और 1948 से 1966 के बीच $1 की कीमत ₹4.66 से हो गई थी और इसी प्रकार धीरे-धीरे रुपए की कीमत कम होते हुए सन 1975 में $1 की कीमत लगभग ₹8 हो गई थी| इसी प्रकार 1985 में 1 डॉलर की कीमत ₹12 के बराबर हो गई थी. सन 1993 में $1 की कीमत ₹31 के आसपास हो गई थी| इसी प्रकार 2000 से 2010 के बीच में 1 डॉलर कीमत 40 से ₹60 के बीच हो गई| उसी प्रकार रुपए की कीमत आज तक गिरती जा रही है आज $1 की कीमत भारत में लगभग ₹68. 70 पैसे है

दोस्तों आपको क्या लगता है क्या एक रूपीए की कीमत एक रुपए के बराबर होनी चाहिए या फिर ₹1 कीमत बहुत सारे डॉलर होनी चाहिए?