क्या किराए पर रहने वाला किराएदार प्रॉपर्टी का मालिक बन सकता है!

हेलो दोस्तों मेरा नाम Anil Payal है, भारत में बहुत सारे लोगों के दिमाग में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या कोई व्यक्ति 20 साल तक किराएदार रहने के बाद Property का मालिक बन जाता है | इस सवाल के जवाब में बहुत सारे लोग यह मानते हैं कि अगर कोई व्यक्ति 20 साल या उससे ज्यादा वक्त के लिए किसी प्रॉपर्टी पर किराएदार रहता है तो वह उसका Legally मालिक बन जाता है. आज के इस आर्टिकल में मैं आपको इसी सवाल का सही सही जवाब देने वाला हूं |

Can a rented tenant become the owner of a property

Can a rented tenant become the owner of a property

दोस्तों भारत में ऐसा कोई भी कानून नहीं है जिससे कि कोई व्यक्ति किसी प्रॉपर्टी पर एक लंबे समय से रह रहा हो और वह उसका मालिक बन जाए.. चाहे वह व्यक्ति उस Property पर 20 साल से या इससे भी ज्यादा वक्त से रह रहा हो | भारतीय कानून के तहत एक किरायेदार हमेशा किराएदार ही रहता है. मतलब कि अगर कोई व्यक्ति किसी प्रॉपर्टी को किराए पर रहता है तो वह हमेशा किराएदार ही रहेगा चाहे वह उस प्रॉपर्टी पर 20 साल, 30 साल, 50 साल या फिर 100 साल से ज्यादा वक्त से रह रहा हो फिर भी वह किराएदार ही रहेगा | जब तक की वह उस प्रॉपर्टी को खरीदना ले |

आर्टिकल 370 को क्यों नहीं हटाया जा सकता और इसे बनाया किसने था

Can a rented tenant become the owner of a property

Can a rented tenant become the owner of a property

आज तक ऐसे बहुत सारे केस सामने आ चुके हैं जिसमें कोर्ट ने साफ किया है कि किराएदार किराए ली गई प्रॉपर्टी को बिना खरीदे उस प्रॉपर्टी का मालिक नहीं बन सकता है चाहे वह उस पर कितने भी दिनों से रह रहा हो. वह हमेशा किराएदार ही रहेगा, लेकिन भारत में ऐसे केस भी आए हैं जिसमें किराएदार ने प्रॉपर्टी पर मालिकाना हक जताने के लिए केस किया और वह जीत भी गया | लेकिन इस प्रकार के केस में जो लोग किराए की प्रॉपर्टी के Owner बन जाते हैं उसका यह Reason नहीं होता है कि वह ज्यादा लंबे समय से उस प्रॉपर्टी पर किरायेदार के रूप में रह रहे थे. बल्कि इसका मेन Reason होता है मकान मालिक का लापरवाही बरतना | उसका अपने मकान पर ध्यान नहीं देना |

सड़क किनारे दांत निकालना और कान साफ करना है गैरकानूनी, भारत के 14 अजीबोगरीब कानून!

आपको ऐसा क्या करना चाहिए जिससे कि किराएदार आप की Property पर Ownership claim ना कर सके?

  1. आपको हमेशा एक बात ध्यान में रखनी चाहिए कि अगर आपके पास आपकी प्रॉपर्टी के Legal Documents नहीं है तो आपको उस प्रॉपर्टी को भूलकर भी किराए पर नहीं देना चाहिए. क्योंकि जिस प्रॉपर्टी के लीगल डाक्यूमेंट्स नहीं होते हैं तो उसका मालिक वही होता है जिसका उस पर कब्ज़ा होता है और डॉक्यूमेंट्स तो कभी भी कोई भी बनवा सकता है |
Can a rented tenant become the owner of a property

Can a rented tenant become the owner of a property

2. जब भी आप किसी प्रॉपर्टी को किराए पर दे तो आप उसके Legal rent agreement document बनवा कर ही उसे किराए पर देना चाहिए. Rent agreement में जितनी भी नियम और शर्तें हैं जिनमें कि आपको लगता है कि आगे चलकर के कोई Problem हो सकती है तो वह Conditions आपको अपने एग्रीमेंट में साफ साफ लिख देनी चाहिए. जैसे कि किराया कब और कितना बढ़ाया जाएगा, साथ ही किराए देने का Time period क्या रहेगा और आपके प्रॉपर्टी आप कब खाली करवा सकते हैं | इस प्रकार की सारी बातें आपको रेंट एग्रीमेंट में साफ-साफ लिख देना चाहिए |

चोरी का सामान खरीदने पर आपके साथ क्या – क्या हो सकता है

3. आपको ध्यान रखना चाहिए कि जैसे ही आप का Rent agreement एक्सपायर होता है तो आपको उसे जल्द से जल्द Renew करवा लेना चाहिए. आपको अपने मकान की तरफ से कभी भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. आपको अपने मकान और किराएदार पर हमेशा पूरी नजर रखनी चाहिए और जब भी आपको लगे कि किराएदार से मकान को खाली करा लेना चाहिए तो आपको जल्द से जल्द किराएदार से मकान खाली करा लेना चाहिए |

यदि आप मकान मालिक हैं और अपने किराएदार से मकान खाली करवाना चाहते हैं तो आप इन कारणों का इस्तेमाल कर सकते हैं…

Hindu Marriage Act ,पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी करना कानूनी है या गैर कानूनी!

1. अगर किराएदार ने पिछले 4 से 6 महीने का किराया नहीं दिया है तो आप उससे अपना मकान खाली करवा सकते हैं.

2. किरायेदार द्वारा किराए लिए गए मकान को जानबूझकर कोई नुकसान पहुंचाया जाता है तो भी आप उससे अपना मकान खाली करवा सकते हैं.

3. यदि किरायेदार आपकी बिना अनुमति के आप के मकान या प्रॉपर्टी में कोई नया Construction का कार्य करवा लेता है तो आप उसे अपना मकान या प्रॉपर्टी खाली करवा सकते हैं.

4. आपका किराएदार आपकी अनुमति के बिना आप की प्रॉपर्टी पर किसी दूसरे व्यक्ति को रहने की अनुमति देता है तो आप उससे अपनी प्रॉपर्टी खाली करवा सकते हैं.

5. किराएदार आपको आप की प्रॉपर्टी का मालिक मानने से इनकार कर दे तो भी आप अपना मकान खाली करवा सकते हैं.

6. किराएदार किराए पर ली गई प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किसी दूसरे Purpose के लिए कर रहा है तो आप उसे अपनी प्रॉपर्टी खाली करवा सकते हैं.

Can a rented tenant become the owner of a property

Can a rented tenant become the owner of a property

इस प्रकार के कारणों का इस्तेमाल करके आप अपना मकान खाली करवा सकते हैं इसके अलावा भी आप अन्य कारणों का इस्तेमाल कर सकते हैं जो कि अलग-अलग State में अलग-अलग होते हैं. किराएदार से अपनी प्रॉपर्टी को खाली कराने के लिए आपके पास सबसे पहले एक Valid Region होना चाहिए. उसके बाद किराएदार को आपको एक लिखित नोटिस देना होता है.. कि आप प्रॉपर्टी को 1 महीने के अंदर अंदर खाली कर दीजिए| अगर इसके बाद भी आपका किराएदार आप की प्रॉपर्टी को खाली नहीं करता है तो आप पुलिस की मदद नहीं ले सकते क्योंकि यह पुलिस के अंडर नहीं आता है. इसके लिए आपको सिविल कोर्ट में केस करना पड़ेगा और आप कोर्ट के फैसले के आधार पर ही अपनी प्रॉपर्टी खाली करवा सकते हैं.

चोरी करने पर कितनी सजा होती है और चोरी, लूट और डकैती में क्या फर्क होता है!

दोस्तों हमें कमेंट में बताइए क्या आपको कभी इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ा है…

दोस्तों आर्टिकल लिखने के लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ती है और मेरा काफी समय लग जाता है इसलिए में आपसे एक लाइक, शेयर और कमेंट की उम्मीद करता हूँ…  धन्यवाद

Connect With Us on Facebook | Follow us on Instagram | Join WhatsApp Group

आर्टिकल 370 को क्यों नहीं हटाया जा सकता और इसे बनाया किसने था

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अनिल पायल है, आर्टिकल 370 के Removal के बारे में जानने से पहले आपको दो चीजों के बारे में जानना बहुत जरूरी है| सबसे पहले तो यह कि जम्मू और कश्मीर का इंडिया में पूरी तरह से Merger यानी विलय नहीं हुआ था और दूसरी बात यह कि जम्मू और कश्मीर का अपना Constitutions है, अपनी कॉन्स्टिट्यूट एसेंबली है,अपने लॉ हैं | अब बात करते हैं कि Indian Constitution Article 370 के रिमूवल के बारे में क्या कहता है, इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन की Article 370 में यह लिखा हुआ है ‘Temporary Provision with Respect to the State of Jammu and Kashmir” जो यह क्लीयरली शो करता है कि,आर्टिकल 370 टेंपरेरि ट्रांसलेशनल और स्पेशल प्रोविजन में लिखा हुआ है |

जेल में कैदियों को कैसा खाना मिलता है, जानकर हैरान रह जायेगे

Article 370 in hindi

इसलिए Indian President सिर्फ एक ऑर्डर जारी करके इसको रिमूव कर सकता है लेकिन यह इतना आसान नहीं है क्योंकि हम सभी जानते हैं कि जम्मू और कश्मीर का भी अपना कॉस्टिट्यूशन है और यही आर्टिकल 370 जो Indian Constitution में लिखा हुआ है सेम यही जम्मू एंड कश्मीर के कॉन्स्टिट्यूशन में भी लिखा हुआ है| इसलिए इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन में अगर कोई चेंज किया जाए तो वह जम्मू और कश्मीर के कॉन्सीट्यूशन में  Apply नहीं होगा तो अगर हम इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन से आर्टिकल 370 को हटाते हैं तब भी यह जम्मू एंड कश्मीर के कॉन्स्टिट्यूशन में बाकी रहेगा तब पाकिस्तान और हुर्रियत आईसीजी (Hurrayat ICG) यानी International court of justice में जा सकते हैं जहां पर हमारी पोजीशन इस इशु को लेकर काफी वीक हो सकती है |

जिगोलो गंदा है पर धंधा है… यहां महिलाएं लगाती हैं मर्दों की बोली!

राजा हरि सिंह

राजा हरि सिंह

राजा हरि सिंह और जवाहरलाल नेहरू की इस गलती के कारण आर्टिकल 370 को नहीं हटाया जा सकता

अब यहां पर सवाल यह आता है कि, जम्मू और कश्मीर को क्लेम करने पर हम वीक कैसे हो सकते हैं? जबकि यह इंडिया का ही एक अभिन्न भाग है तो इस बात को समझने के लिए हमें पीछे जाना पड़ेगा 1947 में | आजादी के दौरान जम्मू और कश्मीर के राजा हरि सिंह ने यह डिसाइड किया था कि जम्मू और कश्मीर एक आजाद रियासत रहेगा ना ये हिंदुस्तान के साथ रहेगा और ना ही यह पाकिस्तान के साथ रहेगा | इससे पहले कि यह आजाद रह पाता है 22 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर पर अटैक कर दिया और इस पर कब्जा कर लिया | राजा हरि सिंह ने इंडिया से मदद मांगी लेकिन इंडिया अपनी आर्मी वहां पर नहीं भेज सका जब तक कि राजा ने Instrument of Execution पर सिग्नेचर न कर दिए |

सड़क किनारे दांत निकालना और कान साफ करना है गैरकानूनी, भारत के 14 अजीबोगरीब कानून!

राजा हरि सिंह ने इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन पर सिगनेचर किए और जम्मू और कश्मीर को पाकिस्तान के हाथों में जाने से बचा लिया | लेकिन यहां पर एक काफी इंपॉर्टेंट चीज है जिसके बारे में हम सभी को जानना चाहिए वह यह के इंडियन यूनियन को जॉइन करने के लिए दो डॉक्यूमेंटस पर सिग्नेचर करने होते हैं एक है ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन’और दूसरा है ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ मर्जर’ राजा हरि सिंह ने सिर्फ इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन पर सिग्नेचर किए थे, इंस्ट्रूमेंट ऑफ मर्जर पर सिग्नेचर नहीं किए थे |

जवाहरलाल नेहरू

इससे पहले कि राजा हरि सिंह इंस्ट्रूमेंट ऑफ मर्जर पर सिग्नेचर करते प्राइम मिनिस्टर श्री जवाहरलाल नेहरू ने रेडियो पर यह घोषणा कर दि कि इंडिया जम्मू और कश्मीर में Referenced के लिए तैयार है | रेफरेंडम का मतलब होता है जनमत संग्रह यानी डायरेक्ट किसी इशु पर जनता की राय ली जाती है हाँ और ना में | तो ये इंफॉर्मेशन यूनाइटेड नेशन को भेज दी गई तो लॉर्ड माउंटबेटन और नेहरू ने मिलकर यह डिसाइड किया कि आर्टिकल 370 बनाया जाए | इंडिया और जम्मू कश्मीर के बीच लीगल रिलेशन बनाने के लिए जवाहर लाल नेहरू ने श्री भीमराव अंबेडकर को इस आर्टिकल के लिए एक ड्राफ्ट तैयार करने के लिए पूछा तो उन्होंने साफ साफ मना कर दिया| तब गोपाल स्वामी आयंगर ने आर्टिकल 370 का एक ड्राफ्ट तैयार किया जिसको 1949 में पार्लियामेंट में पास किया गया |

Hindu Marriage Act ,पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी करना कानूनी है या गैर कानूनी!

Constitutions of India

Constitutions of India

इसलिए हम अपने कॉन्स्टिट्यूशन से आर्टिकल 370 को नहीं हटा सकते

अब यहां पर सवाल यह आता है कि आखिर हम आर्टिकल 370 को अपनी कॉन्स्टिट्यूशन से क्यों नहीं हटा सकते हैं? हम सभी जानते हैं कि जब पुतिन ने क्रीमियन पर कब्जा किया था तो पूरी दुनिया ने रसिया को क्रिटिसाइज किया था | कोई भी रसिया के सपोर्ट में नहीं आया था | लेकिन पूरी दुनिया हमें जम्मू एंड कश्मीर के मुद्दे पर सपोर्ट करती है क्योंकि आर्टिकल 370 हमें बचाता है यह हमें जम्मू एंड कश्मीर पर एक लीगल राइट देता है | लेकिन अगर हम इसे अपने इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन से हटा दे तब भी जम्मू एंड कश्मीर के कॉन्स्टिट्यूशन में बाकी रहेगा तब यह एक कांट्रडिक्शन पैदा करेगा, तब पाकिस्तान और हुर्रियत के लीडर आईसीजे यानी International court of justice में जा सकते हैं और तब हमारा राइट जम्मू और कश्मीर पर काफी वीक हो जाएगा |

Article 370 in hindi

Article 370 in hindi

हमारी पॉलीटिकल पार्टीज हमेशा आर्टिकल 370 को एक इशु बनाती है लेकिन वह अच्छी तरह से जानती है कि आर्टिकल 370 को नहीं हटाया जा सकता है, लेकिन आर्टिकल 35A को हटाया जा सकता है और इसको हटाया भी जाना चाहिए| जम्मू और कश्मीर की तरह ही किंग्डम ऑफ सिक्किम ने भी सिर्फ इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन पर सिगनेचर किए थे | लेकिन 1975 में सिक्किम ने इंडिया को ज्वाइन कर लिया और इंडिया का 22 वां स्टेट बना | अगर आप इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन  के आर्टिकल 370 के सब आर्टिकल थ्री देखें उसमें क्लीयरली  यह मेंशन किया गया है कि, राष्ट्रपति सिर्फ एक ऑर्डर जारी करके आर्टिकल 370 को रिमूव कर सकता है लेकिन इसी के साथ इसमें कंडीशन लगाई गई है कंडीशन यह है कि स्टेट यानी जम्मू एंड कश्मीर की कॉन्स्टिट्यूट एसेंबली यानी संविधान सभा की रिकमेंडेशन जरूरी है |

सुप्रीम कोर्ट ने किया धारा 497 को रद्द, अब आप दुसरे की पत्नी के साथ बना सकते है सम्बन्ध

अगर जम्मू एंड कश्मीर की कौशकॉन्स्टिट्यूट असेंबली यानी संविधान सभा इंडिया के राष्ट्रपति को रिकमेंड कर दे और राष्ट्रपति एक ऑर्डर जारी कर दें कि आर्टिकल 370 खत्म कर दिया गया है तभी आर्टिकल 370 खत्म हो सकता है| इसके अलावा कोई और तरीका नहीं है | अक्टूबर 2015 में जम्मू और कश्मीर के हाई कोर्ट ने यह आर्डर जारी किया कि आर्टिकल 370 को रिमूव नहीं किया जा सकता है ना ही उसको रिप्लेस किया जा सकता है यहां तक कि उसमें कुछ चेंजस भी नहीं किए जा सकतें हैं | जिसमें जम्मू एंड कश्मीर हाई कोर्ट ने इसी आर्टिकल 370 सब आर्टिकल 3 का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि जम्मू और कश्मीर की कौशकॉन्स्टिट्यूट असेंबली की रिकमेंडेशन जरूरी है आर्टिकल 370 को हटाने के लिए |

पॉलिटिकल पार्टी

पॉलिटिकल पार्टी इस प्रकार से गुमराह करती है लोगों को

जम्मू और कश्मीर हाई कोर्ट ने कहा कि Kaushik Konstantin Assemblies में कोई रिकमेंडेशन राष्ट्रपति को दी ही नहीं है इसीलिए आर्टिकल 370 को नहीं हटाया जा सकता है|  लेकिन आर्टिकल 370 को हटाने से पहले जम्मू और कश्मीर में Indian law का लागू होना बहुत जरूरी है | पहले जम्मू और कश्मीर में सुप्रीम कोर्ट के फैसले, सुप्रीम कोर्ट के आर्डर भी वैलिड नहीं होते थे| लेकिन राष्ट्रपति ने एक नोटिफिकेशन जारी किया और उसके बाद से वहां पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ऑर्डर माने जाने लगे हैं तो इसी तरह से धीरे धीरे वहां पर काफी सारे कानून लागू किए गए हैं, तो आगे भी पहले यही किया जाना चाहिए कि जो इंडियन कानून है सबसे पहले जम्मू और कश्मीर में वह लागू होने चाहिए, उसी के बाद कोई बड़ा फैसला लेने के बारे में सोचा जाना चाहिए |

इंटरनेट पर 1 सेकंड में क्या होता है? सच्चाई जानकर आपके होश उड़ जायेगे

दोस्तों अब आप समझ गये होगे की आर्टिकल 370 को आसानी से क्यों नही हटाया जा सकता है |

दोस्तों आर्टिकल लिखने के लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ती है और मेरा काफी समय लग जाता है इसलिए में आपसे एक लाइक, शेयर और कमेंट की उम्मीद करता हूँ… धन्यवाद

Connect With Us on Facebook | Follow us on Instagram | Join WhatsApp Group

सड़क किनारे दांत निकालना और कान साफ करना है गैरकानूनी, भारत के 14 अजीबोगरीब कानून!

दोस्तों आज मैं आपको बताने जा रहा हूं भारत देश के कुछ ऐसे कानून के बारे में जो शायद आप बिलकुल नहीं जानते होंगे|

Indian law

Indian law

Indian Act 1867 के अनुसार आप भारत के किसी भी होटल में Free में पानी और बाथरूम यूज करने के लिए पूछ सकते हैं चाहे वह होटल 5 star ही क्यों ना हो| The Land Acquisition Act 1894 के अनुसार सरकार आपकी जमीन को किसी भी समय खरीद सकती है आप चाहे या ना चाहे| धारा 377 के तहत किसी भी जानवर के साथ अप्राकृतिक सेक्स का दोषी पाए जाने पर उम्र कैद की सजा हो सकती है| IPC Section 377 के अनुसार ओरल सेक्स यानी मुंह से सेक्स करना कानूनन अपराध है. Indian Law

सवाल – जवाब : ऐसी कौन सी चीज है जिसे लड़की खाती भी है और पहनती है

Rep in india

Indian law

Factory Act 1948 के तहत महिलाओं का रात में फैक्टरी में काम करना कानून के खिलाफ है| भारत में कोठो पर सेक्स करना कानूनी है लेकिन इस काम के लिए दलाल बनना गैरकानूनी है| Dentist Act 1948 के सेक्शन 49 के चैप्टर 5 के अनुसार सड़क किनारे दांत निकालना और कान साफ करना गैरकानूनी है|  देश के एक कानून के हिसाब से यदि रेप करने के बाद लड़के और लड़की की शादी हो जाती है तो लड़के पर से रेप का केस हट जाता है| यदि पति पत्नी के सेक्स संबंध अच्छे नहीं है तो भारत के एक कानून के अनुसार इसे कोर्ट में तलाक के लिए सबूत के तौर पर पेश किया जा सकता है| यदि आप पार्क वगैरह या सार्वजनिक जगह पर अश्लील हरकत करते पाए जाए तो 3 महीने की जेल हो सकती है| Indian Panel Court Section 309 के अनुसार आत्महत्या करना कानूनी है लेकिन बच जाने पर 1 साल तक की जेल हो सकती है| Hindu Adoption and Maintenance Act, 1956 के अनुसार किसी विवाहित हिंदू जोड़े के पास यदि पहले से लड़का है तो वह लड़का गोद नहीं ले सकता यही बात लड़की पर भी लागू होती है |

Hindu Marriage Act ,पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी करना कानूनी है या गैर कानूनी!

2011 में Ministry of Women and Child Development ने यह कानून बनाया था कि एक अकेला आदमी किसी लड़की को गोद नहीं ले सकता | यदि आपके वाहन का दिन में एक बार किसी चीज के लिए चलान हो जाता है तो उसका पूरे दिन दोबारा चलान नहीं हो सकता उदाहर्ण के तौर पर अगर आप पर दिन में एक बार हेलमेट ना पहनने का चलान हो गया है तो रात तक आप बिना हेलमेट पहने घूम सकते हैं| शाम होने के बाद और सुबह सूर्य निकलने से पहले पुलिस महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकती, बहुत ही सीरियस केस में अगर गिरफ्तार करना भी है तो मैजिस्ट्रेट से लिखित में परमिशन लेनी होगी |

सुप्रीम कोर्ट ने किया धारा 497 को रद्द, अब आप दुसरे की पत्नी के साथ बना सकते है सम्बन्ध

दोस्तों आपके इन अजीब कानूनों के बारे में जानकर कैसे लगा ? अपने महत्वपूर्ण विचार हमरे साथ कमेंट में शेयर करे ताकि सब लोग एक दुसरे के विचारो को जान सके|

दोस्तों आर्टिकल लिखने के लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ती है और मेरा काफी समय लग जाता है इसलिए में आपसे एक लाइक और शेयर की उम्मीद करता हूं..  धन्यवाद

Connect With Us on Facebook

चोरी का सामान खरीदने पर आपके साथ क्या – क्या हो सकता है

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अनिल पायल है, जैसे कि चोरी करना एक Crime है जिसमें IPC Section 379 के तहत 3 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है | इसी तरह चोरी का सामान खरीदना या उसका इस्तेमाल करना भी एक क्राईम है, काफी सारे लोग चोरी का सामान खरीद लेते हैं जैसे Laptop, mobile वगैरह और उन्हें यह नहीं पता होता है कि यह एक क्राइम है|

section 379 ipc

Section 379 IPC

चोरी का सामान खरीदने पर IPC Section 411 का किया जाता है इस्तेमाल

पहले हम बात करते हैं कि चोरी का सामान खरीदने पर या उसको इस्तेमाल करने पर कानून क्या कहता है, Indian Penal Code Section 411 में यह कहा गया कि कोई भी वेक्ति किसी की चुराई हुई प्रॉपर्टी को अच्छी तरह जानते हुए कि यह प्रॉपर्टी या चीज चोरी की है उसे बेईमानी से हासिल करता है या अपने पास बरकरार रखता है तो उसे IPC Section 411 के तहत 3 साल तक के कारावास या जुर्माने या कारावास और जुर्माने दोनों की सजा हो सकती है | यानी अगर आप कोई ऐसा सामान खरीदते हैं या इस्तेमाल करते हैं जिसके बारे में आपको पता है कि यह चोरी का सामान है या आपके पास कोई रीजन है यह यकीन करने का कि यह चोरी का सामान है तो उसको इस्तेमाल करना या खरीदना एक क्राईम है जिसमें आपको आईपीसी सेक्शन 411 के तहत 3 साल तक की सजा हो सकती है|

Hindu Marriage Act ,पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी करना कानूनी है या गैर कानूनी!

Section 379 IPC

चोरी का सामान खरीदने पर आपके साथ क्या हो सकता है 

IPC Section 411 एक Cognizable and non-belable offs है यानी इसमें पुलिस स्टेशन से आपको बेल नहीं मिल सकती है | बल्कि आपको कोर्ट में बेल के लिए अप्लाई करना होता है CRPC Section 320के तहत यह एक कॉम्प्रोमाइज ऑफेंस है यानी अगर प्रॉपर्टी का मालिक चाहे तो कॉम्प्रोमाइज कर सकता है| अगर आपके पास कोई भी चोरी का सामान पाया जाता है तो पुलिस आपको अरेस्ट करेगी और कोर्ट में आपको यह प्रूफ करना पड़ेगा की चोरी का सामान जब आपने Purchase किया तब आपको पता नहीं था कि यह सामान चोरी का है| इसलिए जब भी आप कोइ पुराना सामान खरीदे तो आपको बिल जरूर लेना चाहिए और अगर बिल ना हो तो आपको बेचने वाले का एक आईडी प्रूफ जरूर लेना चाहिए, ताकि जब पुलिस आपको अरेस्ट करने आए तो आप आईडी प्रूफ दिखा करके यह बता सकें कि यह सामान आपने फुल आदमी से खरीदा था अगर आपके पास कोई आईडी प्रूफ या कोई बिल नहीं होगा| तब पुलिस आपको अरेस्ट करेगी और तब आपको बेल लेनी पड़ेगी और कोर्ट में यह प्रूफ करना पड़ेगा कि यह सामान जब आपने परचेज किया तब आपको पता नहीं था कि यह चोरी का सामान है|

सुप्रीम कोर्ट ने किया धारा 497 को रद्द, अब आप दुसरे की पत्नी के साथ बना सकते है सम्बन्ध

तो दोस्तों आज आप ने जाना है की चोरी का सामान खरीदना या उसका इस्तेमाल करना IPC Section 411 के तहत एक क्राइम है जिसमें आप को 3 साल तक की सजा हो सकती है |

दोस्तों क्या अपने कभी चोरी का सामान खरीदा है और क्या आपकी भी कभी इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ा है? अपने महत्वपूर्ण विचार हमरे साथ कमेंट में शेयर करे ताकि सब लोग एक दुसरे के विचारो को जान सके|

क्या आप जानते है IPC की धारा 504 और 506 पर क्या सजा होती है?

दोस्तों आर्टिकल लिखने के लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ती है और मेरा काफी समय लग जाता है इसलिए में आपसे एक लाइक और शेयर की उम्मीद करता हूं..

Connect With us on Facebook

Hindu Marriage Act ,पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी करना कानूनी है या गैर कानूनी!

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अनिल पायल है, काफी सारे लोग यह सोचते हैं कि वाइफ के रहते हुए दूसरी शादी करना ठीक है या नही| आज हम यही जानेंगे कि wife के रहते हुए दूसरी शादी करना कैसा है क्या यह  क्राईम है और जो दूसरी शादी की गई है उसका क्या स्टेटस रहेगा |

hindu marriage act

hindu marriage act

वाइफ के रहते हुए दूसरी शादी करने के दो पहलू है पहला तो यह कि क्या यह लीगल है या इलीगल और दूसरा यह कि जो शादी की गई है क्या यह वैलिड है या इनवेलिड| पहले हम बात करते हैं इसके लीगल ओर इलीगल होने के बारे में. Hindu marriage act

चोरी करने पर कितनी सजा होती है और चोरी, लूट और डकैती में क्या फर्क होता है!

अगर कोई पर्सन अपनी वाइफ के रहते हुए दूसरी शादी करता है तो ये इलीगल है| Indian Penal Code Section 494 के तहत यह एक Crime है जिसमें 7 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है, IPC Section 494 एक बेलेबल और कॉम्प्रोमाइजर ऑफेंस है यानी इसमें बेल हो सकती है साथ ही इसमें कॉम्प्रोमाइज भी हो सकता है| अगर वाइफ अपने Husband से Compromise कर लेती है तो फिर हस्बैंड सजा से बच सकता है लेकिन आईपीसी सेक्शन 494 में एक बात यह भी कहीं गई है कि दूसरी शादी करना तभी क्राइम होगा जबकि पहली शादी वैलिड हो, मतलब की जिस पर्सन ने दूसरी शादी की है उसकी पहली शादी वैलिड होनी चाहिए| तभी दूसरी शादी क्राइम होगी लेकिन अगर कोई ऐसी सिचुएशन आ जाती है कि पहली वाली शादी वैलिड नहीं थी तभी दूसरी शादी करना कोई क्राइम नहीं होगा|

hindu marriage act

hindu marriage act

इसका दूसरा पहलू यह है कि यह जो Marriage की गई है यह वैलिड है या इनवेलिड| इसके लिए हम चलेंगे हिंदू मैरिज एक्ट सेक्शन 5 में, Hindu Marriage Act Section 5 में मैरिज करने की कंडीशन बताई गई है जिसमें एक कंडीशन यह है कि जो 2 पर्सन शादी कर रहे हैं उनमें से किसी का भी कोई जीवित पति या पत्नी नहीं होना चाहिए| तो अब यहां पर जो पर्सन ने शादी की है वह पहली वाइफ के रहते हुए की है तो उसकी मैरिज इनवेलिड होगी. Invalid होने का मतलब यह है कि ऐसा समझा जाएगा जैसे कि कोई शादी हुई ही नहीं| तो इससे जो दूसरी वाइफ है उसका प्रॉपर्टी में भी कोई अधिकार नहीं रहेगा और वो मेंटेनेंस की डिमांड भी नहीं कर सकती क्योंकि वह एक लीगल वाइफ नहीं है| लेकिन इस Invariant marriage से जो बच्चे पैदा होंगे वह बिल्कुल लीगल होंगे उनको पिता का नाम भी दिया जाएगा और फादर की प्रॉपर्टी में उनको पूरा हिस्सा भी दिया जाएगा|

सुप्रीम कोर्ट ने किया धारा 497 को रद्द, अब आप दुसरे की पत्नी के साथ बना सकते है सम्बन्ध

Image result for Muslim Personal Law

लेकिन यह कानून मुस्लिम पर्सनल लॉ ( Muslim Personal Law ) की वजह से मुसलमानों पर लागू नहीं होता है. अगर कोई मुस्लिम चाहे तो वह कुछ कंडिशंस के साथ सेकंड मैरिज कर सकता है| तो अब आप समझ गये होगे की कोई पर्सन अपनी वाइफ के रहते हुए दूसरी शादी करता है तो यह एक क्राईम है जिसमें 7 साल तक की सजा हो सकती है| साथ ही जो शादी की गई है वह भी इनवेलिड है मतलब ऐसा माना जाएगा जैसे कि कोई शादी हुई ही नहीं|

क्या आप जानते है IPC की धारा 504 और 506 पर क्या सजा होती है?

दोस्तों आप हिंदू मैरिज एक्ट और मुस्लिम पर्सनल लॉ के बारे में क्या सोचते है? अपने महत्वपूर्ण विचार हमरे साथ कमेंट में शेयर करे ताकि सब लोग एक दुसरे के विचारो को जान सके|

दोस्तों आर्टिकल लिखने के लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ती है और मेरा काफी समय लग जाता है इसलिए में आपसे एक लाइक और शेयर की उम्मीद करता हूं..

Connect With Us on Facebook