Srikanth Bolla

Success Factor : नेत्रहीन लड़का चलाता है 50 करोड़ की कंपनी

World Facts

कोई भी शख्स तभी कामयाबी की ओर बढ़ता है जब वह एक लक्ष्य तय करके उसे हासिल करने की दिशा में आगे बढ़े | अगर आपमें में प्रतिभा है, हौसला है, तो दुनिया की कोई भी कठिनाई आपको अपनी मंजिल हासिल करने से नहीं रोक सकती | देश – दुनिया में ऐसे बहुत से उदाहरण है, जिन्होंने अपने जज्बे से तमाम बाधाओं को मात देते हुए कामयाबी का परचम लहराया है |

ऐसी ही एक शख्सियत हैं श्रीकांत बोल्ला | कंजूमर फूड पैकिंग कंपनी बोलेंट इंडस्ट्रीज के सीईओ व फाउंडर श्रीकांत जन्म से विजुअली इम्पेर्ड हैं, लेकिन उन्होंने इसे कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया | हालांकि उन्होंने जीवन में काफी प्रॉब्लम को फेस किया | लेकिन उन्हें खुद पर भरोसा है और मेहनत से कुछ भी हासिल करने में यकीन रखते हैं | बचपन से ही स्टडी में ब्रिलियंट आंध्रप्रदेश के श्रीकांत के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद दसवीं कक्षा अच्छे अंको से उरीर्ण की |

Srikanth Bolla
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उनकी मुश्किलें तब बढ़ी जब वह दसवीं के बाद साइंस पढ़ना चाहते थे | लेकिन उनके ब्लाइंड होने के कारण उंहें इसकी इजाजत नहीं मिली | कई माह की लड़ाई के बाद आखिरकार श्रीकांत को साइंस पढ़ने की परमिशन मिल गई | 18 साल की उम्र में अमेरिका की मोसोचुटस टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट एमआईटी में प्रवेश मिला | वह इस में एडमिशन लेने वाले पहले इंटरनेशनल ब्लाइंड स्टूडेंट थे | यूएस में एजुकेशन पूरी करने के बाद उन्होंने हैदराबाद में अपनी कंपनी शुरू की उन्होंने खाने पीने के सामान की पैकिंग के लिए 8 लोगों की एक टीम के साथ कंजूमर फूड पैकिंग कंपनी स्थापित की |

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इसमें उन्होंने बेरोजगार लोगों को जोड़ा यहां तक कि ब्लाइंड पर्सन को काम दिया | आज श्रीकांत की कंपनी के हैदराबाद, तेलगाना, और कर्नाटक में प्रोडक्शन प्लांट हैं, उन्हें फोर्ब्स 30 अंडर 30 एशिया के लिस्ट में नामित किया गया है | उन्होंने साबित किया कि शारीरिक कमी कमजोरी नहीं है, वह सही मायने में युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं |