Success Factor ,Success Factor- paytm

Success Factor रिस्क बनाएगी जीरो से हीरो !

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“रिस्क बनाएगी जीरो से हीरो” इसी आधार पर मैं आपको एक कहानी बताने जा रहा हूं, कुछ साल पहले छुट्टे पैसे एक बड़ी समस्या थी इसी समस्या से निजात दिलाने के लिए विजय शेखर शर्मा ने सन 2010 में स्टार्टअप पेटीएम शुरू किया | जिसका पूरा नाम पे थ्रू मोबाइल है पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले के बाद तो इस मोबाइल वॉलेट ब्रांड की पहचान घर-घर में हो गई, हालांकि ऐसा नहीं है कि यह सफलता शर्मा को आसानी से मिल गई इसके लिए उन्होंने कई मुश्किलें उठाई.

Image By www.yosuccess.com

एक बार शर्मा ने बताया था कि उनके पास डिनर के लिए पैसे नहीं हुआ करते थे उस वक्त उनके लिए दो चाय की काफी हुआ करती थी 10 रुपए बचाने के लिए वह बस की बजाए पैदल जाया करते थे, 15 साल की उम्र में उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया पर समस्या यह थी कि शर्मा को न तो अंग्रेजी बोलनी आती थी और ना ही समझ आती थी जबकि क्लास में सब कुछ अंग्रेजी में ही पढ़ाया जाता था ऐसे में हालात से परेशान होकर विजय ने धीरे-धीरे क्लास में आना बंद कर दिया और डिस्कनरी,व पुरानी मैगजीन की मदद से इंग्लिश सीखना शुरु कर दिया| उन्होंने देखा कि चाहे ऑटोवाला हो, सब्जी वाला या किराना वाला सभी जगह छुट्टे पैसे के लिए बहुत परेशान होना पड़ता था | यही से उनके दिमाग में Paytm बनाने का आइडिया आया और आज उनकी कंपनी की मार्केट वैल्यू सभी को पता है | शर्मा की कामयाबी बताती है कि जो लोग रिस्क लेते हैं वही जीवन में कामयाब होते हैं विफलता की चिंता किए बिना बिज़नस में रिस्क लेना आपको कामयाबी की ओर ले जाता है|

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में बस इतना ही ऐसे ही मोटिवेशनल आर्टिकल के लिए अभी एजुकेशन हाउस  को फॉलो करें और अगर आपको आर्टिकल अच्छा लगा हो तो कृपया लाइक और शेयर कर दें

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