If God created man, then who made God

यदि इंसान को भगवान ने बनाया तो फिर भगवान को किसने बनाया! अमेजिंग फैक्ट्स

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हेलो दोस्तों मेरा नाम अनिल पायल है, दोस्तों विज्ञान कहता है कि जीवन या फिर ब्रम्हांड का निर्माण अपने आप हुआ है. यदि विज्ञान की मानी जाए तो सृष्टि के निर्माण में भगवान की कोई भूमिका नहीं है. असल में भगवान है या नहीं यह एक ऐसा सवाल है जिसका आज तक कोई जवाब नहीं मिला है| भगवान को ना तो प्रमाणित किया जा सकता है और ना ही गलत साबित किया जा सकता है लेकिन जब आप अपने घर को देख रहे हो तो उस समय कोई आप से आकर कहे कि आपका घर किसी ने बनाया नहीं बल्कि यह अपने आप बना है तो निश्चित तौर पर आप उस व्यक्ति को यही कहेंगे कि आपका घर अपने आप नहीं बना बल्कि आपने बनाया है|

If God created man, then who made God

अब सामने वाला बंदा अगर आपसे कहे कि साबित करो यह घर इंसानों ने बनाया है तो आप कैसे साबित करेंगे कि यह घर इंसानों ने बनाया है ? दोस्तों आप इसके उत्तर में उस व्यक्ति को सिर्फ एक शब्द कह सकते हैं और वह है व्यवस्था (अरेंजमेंट) | व्यवस्थाएं कभी अपने आप नहीं बन सकती. आपके घर की पहले नीव खोदी गई जिससे आपके घर को मजबूती मिले, फिर उसमें हर प्रकार के बिल्डिंग मटेरियल का प्रयोग करके उस घर को पूर्ण रुप से तैयार किया गया| आपने अपने घर में हर तरह की सुविधा का ख्याल रखा. आप ने छत पर जाने के लिए उसमें सीढ़ियां लगाई, बालकनी में खड़े होने के लिए रेलिंग का इस्तेमाल किया, लाइट्स लगाएं, दरवाजे लगाए, खिड़कियां लगाई आदि | दोस्तों यह सब व्यवस्था ही तो है जो कि आपने बनाई हैं.

यदि यह घर आपने नहीं बनाया होता तो निश्चित तौर पर यह है इतना व्यवस्थित नहीं होता. क्योंकि व्यवस्थाएं अपने आप नहीं बनती | अब आप प्रकृति की तरफ देखिए क्या आपको इसमें कोई व्यवस्था नहीं दिखती ? जब बच्चा पैदा होता है तो वह कुछ भी नहीं खा सकता इसलिए मां के Breasts में दूध उतर आता है. सिर्फ इतना ही नहीं जो बच्चा अभी-अभी पैदा हुआ वह तुरंत अपनी मां के सीने से लगते ही दूध पीने के लिए अपना मुंह चलाने लग जाता है. क्या आपको यह कोई व्यवस्था नहीं लगती |

हम ऑक्सीजन लेकर कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं वहीं पेड़-पोधे कार्बनडा इऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन छोड़ते हैं. क्या यह कोई व्यवस्था नहीं है? हमारी पृथ्वी 23 डिग्री पर झुकी हुई है जिस से मौसम बदलते है, दिन -रात हो होते है, बारिश हो सके, आदि | यह सब कितनी शानदार व्यवस्थाएं हैं. निश्चित तौर पर यह व्यवस्थाएं अपने आप नहीं बन सकती. जिस प्रकृति ने यह सब बनाया है उसे आप भगवान, अल्लाह, गॉड, वाहेगुरु जी, या आप जो चाहे कुछ भी कह सकते हो | यह आप की मान्यता और धर्म पर निर्भर करता है लेकिन अब भी सवाल यह उठता है कि अगर भगवान ने हमें बनाया है तो भगवान को किसने बनाया है? भगवान कहां से आया है और अब कहां पर है|

दोस्तों उपर चित्र में आपको हमारी पृथ्वी नजर आ रही है जिसका डायमीटर करीब 13000 किलोमीटर है. पृथ्वी से करीब 17 गुना बड़ा ग्रह Neptune है. हमारे सौरमंडल का एक और ग्रह शनि हमारी प्रथ्वी से करीब 760 गुना बड़ा है जिसका डायमीटर 123000 किलोमीटर है. उसके बाद बृहस्पति आता है यह हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है यह इतना बड़ा है कि इसमें एक साथ 1300 पृथ्वी समा सकती है. इसके बाद आता है सूर्य यह हमारे सौरमंडल का एक चमकता हुआ तारा है और इसमें 1 लाख 30 हजार पृथ्वी समा सकती हैं| अब आपको लग रहा होगा कि सूर्य तो बहुत बड़ा है लेकिन अगर आप सूर्य की तुलना सारियस नानक तारे से करें तो सूर्य भी छोटा दिखाई देगा. लेकिन अब भी सारियस सबसे बड़ा ग्रह नहीं है उससे बड़े लाखो ग्र और है|

यह यहीं पर खत्म नहीं हो जाता इससे बड़ा तारा भी मौजूद है जिसे पिस्टल स्टार कहते हैं और यह सिलसिला ऐसे ही बहुत-बहुत ज्यादा आगे तक चलता रहेगा | यदि आप मिल्की वे आकाशगंगा से पृथ्वी को देखोगे तो आपको पृथ्वी करोड़ों गुना जूम करने पर भी दिखाई नहीं देगी. यह तो अभी ब्रह्मांड की शुरुआत है इस प्रकार के लाखों अरबों आकाशगंगाएं ब्रह्मांड में समाई हुई है. इन सभी आकाशगंगाओं से मिलकर ही हमारा ब्रह्मांड बना है. इसका अनुमान लगाना भी नामुमकिन है| ब्रह्मांड के विस्तार के बारे में आज तक कोई इंसान सोच भी नहीं पाया है कि यह कितना बड़ा हो सकता है. बड़े से बड़ा साइंटिस्ट इसका अनुमान तक नहीं लगा पाए है|

If God created man, then who made God

हमारा यूनिवर्स इंसान की सोच से लाखो करोड़ों गुना ज्यादा बढ़ा है. भगवान को किसने बनाया यदि इस सवाल का जवाब आप एक शब्द में चाहते हैं तो इसका जवाब देना नामुमकिन है. लेकिन फिर भी मैं आपको जवाब देने की कोशिश करूंगा|

दोस्तों अगर आप गधे को यह समझाओगे कि थॉमस एडिसन ने बल्ब कैसे बनाया तो वह कभी भी नहीं समझ पाएगा. आप चाहे अपना पूरा जीवन लगा दे. वैसे ही इस ब्रह्मांड की विशालता और व्यवस्था के सामने हम गधे के समान है हम यह कभी नहीं समझ पाएंगे कि भगवान क्या है और उसने सृष्टि की रचना क्यों और कैसे की | भले ही भगवान ने पृथ्वी पर हमें सभी जीवित प्राणियों से ज्यादा समझदार बनाया हो लेकिन भगवान ने हमें इतनी समझदारी नहीं दी हम ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझा सके|

यह जो भगवान शब्द है यह भी हम इंसानों ने ही निकाला है. इस बात की कोई गारंटी नहीं कि भगवान शब्द का मतलब क्या होता है. क्या इसका मतबल हमें बनाने वाले से होता है या कुछ और | इंसान आज गधे से भी ज्यादा गया गुजरा है आप बुरा मत मानना लेकिन यह सच्चाई है. आज इंसान अपने भगवान, अपने धर्म को लेकर एक दूसरे से लड़ता रहता है लोग कहते हैं हम अपने धर्म और भगवान की रक्षा कर रहे हैं. अब आप ही सोचो हम उसकी रक्षा कैसे कर सकते हैं जिसने हमें और इतने बड़े यूनिवर्स को बनाया हो | हम बेवकूफ ही तो हैं हमारी इस सृष्टि में कोई हैसियत नहीं है. हम एक किटाणु से भी छोटे हैं, हमें बनाने वाला हमें एक पल में धुल में मिला सकता है. हम उसकी रक्षा कैसे कर सकते हैं जिसने हमे बनाया हो |

हम कहते हैं यहां पर मंदिर बनेगा कुछ कहते हैं यहां पर मस्जिद बनेगी क्या हम भगवान के लिए घर बनाएंगे ? मेरे हिसाब से भगवान को हमारे घर की जरूरत नहीं है क्योंकि उसने हमें घर दिया है हम उसको घर नहीं दे सकते | भगवान हमारे घर में रहने कभी नहीं आएगा क्योंकि हम उसके सामने कीटाणु के समान है. यदि हम मंदिर – मस्जिद की जगह अपने ही इंसानों के लिए कोई अनाथ आश्रम, कोई स्कूल, या कोई अच्छी चीज बनाएं तो ज्यादा बेहतर होगा | हम जिसकी पूजा करते हैं उसी को गाली देते हैं सारा दोष उसी को देते हैं. पता नहीं हम जिस की पूजा करते हैं वह है भी या नहीं | लेकिन फिर भी हम एक अंधविश्वास की वजह से एक दूसरे को मारते रहते हैं.

इंसान ने अपनी सुविधा अनुसार भगवान को अलग-अलग बांट लिया है उसके अलग-अलग धर्म बना दिए हैं अलग-अलग नाम रख लिए हैं. लेकिन इंसान ने यह कभी नहीं सोचा कि वह भगवान को नहीं बांट सकता उसकी उसके सामने कोई औकात नहीं है. भगवान ने हमको कभी नहीं बताया कि उसका नाम क्या है वह कैसा दिखता है. यह सब सिर्फ हमारे दिमाग की उपज है. हमारे द्वारा सोची गई आकृतियां है नाम है | हम हमारे द्वारा बनाई गई चीज को लेकर ही लड़ते हैं. कुछ लोग सोचते हैं कि अगर हम भगवान की पूजा नहीं करेंगे तो उसका हमें पाप लगेगा, हमें दंड मिलेगा. लेकिन ऐसा नहीं है भगवान को हमारी पूजा की कोई जरूरत नहीं है. पूजा करनी है तो इंसानों की करो. जिन चीजों का इस्तेमाल करके हम भगवान की पूजा करते हैं वह सब उसी के द्वारा बनाई गई तो फिर पूजा कैसी |

हम उन्ही चीजें को भगवान को अर्पित करते हैं जिनको खुद भगवन ने बनाया है और सोचते हैं कि हम उसकी पूजा कर रहे हैं. इंसान हो इंसान से प्यार करो | भगवान को ना हमने देखा है ना कभी सुना है ना ही वो हमारे सामने आएंगे. तो जो चीज है ही नहीं उसकी वजह से हम लड़ाई क्यों करें |

If God created man, then who made God

यदि आपको सच में भगवान देखना है तो आप अपनेआस- पास मौजूद हर एक छोटी सी छोटी सजीव और निर्जीव चीज में उसे देख सकते हैं. पृथ्वी पर मौजूद हर गंदी से गंदी चीज से लेकर शुद्ध चीज में भगवान मौजूद है. जिस चीज को हम छु सकते हैं, महसूस कर सकते हैं, देख सकते हैं, सुन सकते हैं हर उस चीज में भगवान है |विस्वास का ही दूसरा नाम भगवान है |

दोस्तों उम्मीद करता हूं आपको भगवान के बारे में कुछ हद तक समझ में आ गया होगा | आप भी अपनी राय हमें नीचे कमेंट में दे सकते हैं…